रविवार को भारत के केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने स्पष्ट रूप से कहा कि क़ानूनों को वापस नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार जो तीन क़ानून लाई है, वे किसानों के हित में हैं। चौधरी ने इसी के साथ यह भी कहा कि सरकार प्रदर्शनकारी किसानों की मांग के अनुसार इन क़ानूनों में कुछ संशोधन कर देगी। ज्ञात रहे कि किसान संगठनों से कई दौर की बातचीत बेनतीजा रहने के बाद केंद्र सरकार थोड़ी नरम पड़ी है। कैलाश चौधरी ने कहा कि सरकार लिखित में दे सकती है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य बरक़रार रखा जाएगा।
उन्होंने इसी के साथ यह भी कह दिया कि उन्हें नहीं लगता कि ये असली किसान हैं क्योंकि असली किसान, जो अपने खेतों में काम कर रहे हैं, वे इस बारे में चिंतित नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक लोग आग में घी डालने की कोशिश कर रहे हैं। उधर, किसान 8 दिसम्बर को भारत बंद पर अड़े हुए हैं। उनकी इस हड़ताल को अनेक राजनैतिक दलों और ट्रेड यूनियनों का भी समर्थन हासिल हो गया है। कांग्रेस ने भी कहा है कि वह 8 दिसम्बर को भारत बंद का समर्थन करेगी।